कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - कानपुर नगर को विकास और स्मार्ट सिटी की राह पर ले जाने वाली सरकार को उनके ही अधिकारी शहर की असलियत से महरूम रखें हुए है। ऐसी कमरो में बैठने वाले अधिकारियों को शहरियांे की तथा उनकी परेशानियों की रत्ती भर भी फिक्र नही है। कितनी ही योजनाओं और आदेशो को कागजों पर सीमित रखा जाता है और कितने झूठे आंकडो को प्रदर्शित कर यह सरकारी विभागीय अधिकारी अपनी पीठ थपथपाते नजर आते है। केस्को की बात करें तो एक ओर जहां जमीन के अन्दर लाइन बिछाने के लिए काम किया जा रहा है, केस्को शहन की बिजली व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहा है तो कल्याणपुर में ही एक ऐसा जगह है जहां पर महज एक ही बिजली का खभा है और जरूरतमंद उपभोक्ता अपने घरों तक तार घसीटने के लिए झण्डे या बांस का सहारा लेते है। तेज हवाओं के चलते बांस गिर जाता है और ऐसे में जब बारिश का मौसम है तो मैदान में करंट उतर आता है। यहां से आवागमन का रास्ता भी है। कभी भी कोई घटना हो सकती है लेकिन केस्कों के अधिकारी को यह दिखायी नही दे रहा है।
वैसे तो पूरे शहर में बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। सुविधा और व्यवस्था के नाम पर महज लकीर खींची जा रही है, जबकि हकीकत कुछ और ही है। कल्याणपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में हालत यह है कि यहां केवल एक ही बिजली का खंभा है और लोग अपने घरों तक तार ले जाने के लिए बांस या डण्डे का सहारा लेते है। दर्जरो तार बांस से लोगों के घरों तक गये हुए है। ऐसे में जब कभी हवा तेज होती है या आंधी आती है तो यह बांस गिर जाते है और तार मैदान में गिर जाते है। बारिश के मौसम में स्थिति और खतरनाक हो चली है। पानी में गिरे तारों के कारण मैदान के कई हिस्सों में करंट है। लोगों की माने तो यहां से उनका आना-जाना होता है लेकिन उनकी इन तारो के नीचे से निकलने की मजबूरी है। उन्हे हमेशा करंट उतरने का डर लगा रहता है। यहां बिजली का खंभा तो एक है लेकिन बांस 50 से अधिक है। मैदान में बने प्लाटों में बरसात के दौरान पानी भरा हुआ है और ऐसे में लोगो में करंट की दहशत है। यह बिजली विभाग की एक बडी चूक है जो कभी भी किसी की जान ले सकती है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि केस्को कर्मी बिल लेने तो आते है मगर काम के नाम पर कुछ नही होता। इस सम्बन्ध में कई बार शिकायत भी की गयी लेकिन कुछ नही हुआ। जब कोई घटना होगी तभी बिजली विभाग जागेगा।

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