कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - भारतीय आरक्षण मुक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधमण्डल लखनऊ गया था जहां आरक्षण के मुददे पर शासन को ज्ञापन सौंपा। इस सम्बन्ध में शहर वापसी के उपरान्त आलोक पाण्डे ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि मा0 सर्वोच्च न्यायालय ने अनेको बार स्वष्ट किया है कि देश के हर नागरिक को न्याय समानता और स्वतंत्रता उपलब्ध कराना उसका दायित्व है। मा0 सर्वोच्च न्यायालय में कई बार उल्लेखनीय निर्णय भी दिये है।
उन्होने कहा खेद का विषय है कि केंद्र सरकार विपक्षी दल और संसद में बैठे आप जैसे संसदों की नियत सर्वोच्च नयायालय के निर्णय का अनुपालन नही कर रही। पूर्व सरकारे भी निर्णय की संसद के अन्दर हत्या करती आ रही है। कहा केंद्र सरकार ने हाल में पिछडा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का बिल लाकर देश के नागरिकों में भेद भाव बढाने का काम किया है। विश्वविधालय रोस्टर बिल जो संसद में लाया जा रहा है, इससे सामान्य वर्ग के युवाओं का भविष्य अन्धकारमय हो सकता है। इसलिए इस बिल को लाने से रोका जाये।

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