कानपुर नगर, हरिओम गुप्ता - जहरीली शराब कांड के बाद हुई मोतों के बाद आबकारी विभाग के जिम्मेदार लगातार नियमों का पालन कराने की कोशिश कर रहे है और सख्ती भी बरत रहे है लेकिन सख्ती के बीच लापरवाही भी बरती जा रही है। देशी ठेको में सुबह से बिकने वाली शराब पर रोक लगाने के लिए उसका समय दोपहर से कर दिया गया था लेकिन दुकान बंदी के समय चोरी-छिपे शराब ब्रिकी घडल्ले से की जा रही है और सेल्समौनो की कारस्तानी का शिकार अनुज्ञापी हो रहे है।
शहर का कोई इलाका ऐसा नही जहां सुबह से शराब न बिक रही है। बंदी के समय यही शराब और मंहगी करके बेंची जा रही है। गोविन्द नगर, दबौली, रतनलाल नगर, ग्वालटोली, वीआईपी रोड, शिवाला रोड आदि देशी शराब के ठेको पर बंदी के समय आसानी से शराब बिकती देखी जा सकती है। शराब ठेका तो बंद रहता है लेकिन बंद शटर या दरवाजे अथवा किसी झरोके से शराब बेंची जा रही है। शराब के ठेको के बाहर सुबह से चहल-पहल इस बात का सुबूत है कि शराब बिक रही है। वहीं शराबी सडक के कोनो व चबूतरो में शराब पीते दिखायी देते है। आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा नियम बना दिया गया लेकिन लापरवाही के कारण और सख्ती न होने से नियमो को ताक पर रखकर शराब बेची जा रही है। इस बारे में कई अनुज्ञापियों को इस बात का पता ही नही कि बंदी के समय सेल्समैन उनके ठेको से शराब बिक्री करते है।

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